Kela Khane Ke Fayde In Hindi – केले के फायदे गुण और लाभ

Kela Khane Ke Fayde In Hindi – केले के फायदे गुण और लाभ – केला एक ऐसा फल है जो विटामिन, मिनरल्‍स और प्रोटीन का सबसे अच्‍छा स्‍त्रोत है। वजन बढ़ने से लेकर वजन घटाने तक के लिए केले के इस्तेमाल किया जाता है । इस फल को बड़े चाव से खाया जाता है लेकिन आप यह नहीं जानते हैं कि केले के छिलके में भी कमाल के गुण्‍ा होते हैं ।

Kela Khane Ke Fayde In Hindi - केले के फायदे गुण और लाभ

Kela Khane Ke Fayde In Hindi – केले के फायदे गुण और लाभ

Kela Khane Ke Fayde In Hindi – केले के फायदे गुण और लाभ

1) केला का सेवन करने से मधूमेह रोगियों को बार बार पिशाब आने की शिकायत दूर हो जाती है ।

2) केले के वृक्ष का रस शहद में मिलाकर सेवन करने से वमट आना बंद हो जाता है ।

3) 1 पका केला 5 ग्राम घी के साथ सुबह शाम दिन में २ बार स्त्रियो को सेवन करने से 7 दिन में प्रदर रोग दूर हो जाता है ।

4) केले के पतों की राख 1/२ ग्राम और 10 ग्राम शहद में मिलाकर चाटने से इच्की उठाना बंद हो जाता है ।

5) केले निम्बू के रस के साथ खाने से पेचिस दूर होती है और भोजन शिग्र पचता है । केला में दही मिलाकर सेवन करने से दस्त और पेचिस में आराम होता है ।

6) केले के वृक्ष का 50 ग्राम पानी घी में मिलाकर पिने से रुका हुआ मूत्र खुलकर आता है ।

7) पके केले आव्लो का रस और शकर – तीनो मिलाकर स्त्रियो को पिलाने से प्रदर और बहुमूत्र रोग दूर होते है ।

8) केले के वृक्ष का रस गोमूत्र में सेवन करने से मूत्र कच्छ और पिशाब की गर्मी दूर होती है ।

9) केले के वृक्ष के गरब का रस निकालकर पिने से पेट में पहुचे विष में लाभ होता है ।

10) घी में पके केले खाने से या केले के वृक्ष का रस सेवन करने से “भस्मक” रोग में लाभ होता है ।

11) कचे केलो को सुखाकर, चूर्ण बनाकर 5 टोला चूर्ण प्रतिदिन सेवन करने से प्रमेह रोग दूर होता है।

12) केले के पेड़ के पत्तो को महीन पीसकर, दूध में मिलाकर, खीर बनाकर खाने से स्त्रियो को प्रदर रोग में लाभ होता है ।

13) केले और कमल के पत्तो को बिछाकर सोने से शारीर का दर्द दूर होता है ।

14) केले के वृक्स का बीच का हिस्सा अलग करके, धुप में सुखाकर , चूर्ण बनाकर शकर और पानी के साथ सेवन करने से प्रमेह और शारीर की गर्मी दूर होती है ।

15) केले के छिलके गले में बांधने से गले की सुजन और टोंसिल दूर होते है ।

16) कचे केलो को सुखाकर , चूर्ण बनाकर 5 ग्राम चूर्ण के साथ प्रतिदिन सेवन करने से प्रमेह रोग दूर होता है ।

17) 1 पका केला 5 ग्राम घी के साथ सुबह शाम 7 दिन तक सेवन करने से धातु विकार दूर होता है । ठण्ड महसूस होने पर 4-5 बूंद शहद मिलाये ।

18) केले के वृक्ष के भुट्टो का केसरयुक्त भाग काटकर उसमें रात के समय कलि मिर्च का चूर्ण भरकर, प्रात काल घी में तलकर सेवन करने से श्वास रोग में लाभ होता है ।

19) केले के मोटे तने के टुकड़े का रस निकलकर व छानकर 1-2 कप ताज़ा रस प्रतेक 2-2 घंटे के अंतर पर घूंट घूंट कर 3 दिन तक सेवन करने से टी.बी दूर होता है । दो महीने प्रयोग करने से अधिक लाभ होता है ।

20) केले के छिलके को चोट या सुजन पर बांधने से सुजन दूर होती है । पका हुआ तेल और गेहू का आटा पानी में गुन्द्कर , गर्म करके चोट या सुजन पर लेप करने से लाभ होता है ।

21) 1 केला खाकर आधा कप आवले के रस में स्वादानुसार शकर मिलाकर सेवन करने से बार बार पिशाब आना बंद हो जाता है । केला खाने से बार बार पिशाब आने की शिकायत दूर हो जाती है।

फलो और सब्जिओ में इसी प्रकार आलू और करेला भी बहुत गुणवान है, इसकी फायदे और लाभ अवश पड़े ।

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