सत्यानाशी के गुण और फायदे – Benefits of Argemone mexicana

सत्यानाशी के गुण और फायदे – Benefits of Argemone mexicana – भड़भाड़, सत्यानाशी या घमोई एक अमेरिकी वनस्पति है, लेकिन भारत में यह सब स्थान पर पैदा होती है। इसका फूल पीला और प5-7 पंखुड़ी वाला होता है। इसका बीज राई जैसा और गिनती में अनेक होते हैं। इसके पत्ते व फूल पीले रंग का दूध छोड़ते है।

सत्यानाशी के गुण और फायदे - Benefits of Argemone mexicana

सत्यानाशी के गुण और फायदे – Benefits of Argemone mexicana

सत्यानाशी के गुण और फायदे – Benefits of Argemone mexicana

1) सत्यानाशी के रस की दो बूंदे नेत्रों में टपकाने से नेत्रों के दर्द, पीड़ा और जलन में लाभ होता है।

2) सत्यानाशी के छाल का चूर्ण या बीजो का चूर्ण दही में मिलाकर सेवन करने से त्वचा के रोगों में लाभ होता है ।

3) सत्यानाशी के रस को घी के साथ घोटकर नेत्रों में लगाने से नेत्र रोग दूर होते है और और ज्योति उज्वल होती है ।

4) सत्यानाशी मूल त्वक 3-6 ग्राम 10 कलि मिर्च के साथ पानी में पीसकर, घोटकर ठंडे की भांति कपडे में छानकर 6 ग्राम घी और 10 ग्राम शहद मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करते रहने से रक्त सम्बन्धी रोग ठीक हो जाते है ।

5) स्वर्णसीरी के शरबत को पानी में मिलाकर पीते रहने से प्रमेह रोग और मूत्रकुच्छ रोग में लाभ होता है ।

6) सत्यानाशी का रस कनखजूरा, बर्र आदि के काटे स्थान पर लगाने से विष का प्रभाव दूर हो जाता है ।

7) सत्यानाशी के बीजो के तेल की ३० से ६० बुँदे शकर में मिलाकर गर्म पानी से सेवन करने पर पेट दर्द ठीक हो जाता है ।

विभिन्न भाषाओं में इसके नाम :-

कन्नड़- दत्तूरि।
हिन्दी- सत्यानाशी, भड़भांड़, चोक।
मराठी- कांटेधोत्रा। गुजराती- दारुड़ी।
तेलुगू- इट्टूरि।
संस्कृत- स्वर्णक्षीरी, कटुपर्णी।
मलयालम- पोन्नुम्माट्टम।
तमिल- कुडियोट्टि।
लैटिन- आर्जिमोन मेक्सिकाना।
इंग्लिश- मेक्सिकन पॉपी।
बंगाली- चोक, शियालकांटा।

यह बहुत ही लाभदायक जडीबुटी जिसका बहुमूल्य इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आपको यह गुण पसंद आये तो हमारा दूसरा लेख चिरौंजी के फायेदे पड़ना ना भूले ।

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