Ginger(Adrak) Benefits In Hindi – अदरक के फायदे गुण और लाभ

Ginger(Adrak) Benefits In Hindi – अदरक के फायदे गुण और लाभ – ऐतिहासिक अभिलेखों से भी पहले से भारत और चीन में अदरक को एक मसाले और औषधि के रूप में उपजाया और इस्तेमाल किया जाता था। 100 से ज्यादा बीमारियों में इस चमत्कारी मसाले के औषधीय लाभों पर अनगिनत अध्ययन किए गए हैं। आज हम आपको इनमे से कुछ बिमारिओ में अदरक के औषधीय गुण बताएँगे ।

Ginger(Adrak) Benefits In Hindi - अदरक के फायदे गुण और लाभ

Ginger(Adrak) Benefits In Hindi – अदरक के फायदे गुण और लाभ

Ginger(Adrak) Benefits In Hindi – अदरक के फायदे गुण और लाभ

1) अदरक का रस और पानी सम मात्रा में मिलाकर पिने से हृदय रोग दूर होता है ।

2) अदरक और गुड मिलाकर रस निकालकर रस की बुँदे नाक में टपकने से आधा सर दर्द में लाभ होता है ।

3) अदरक और प्याज़ का रस 10-10 ग्राम मिलाकर सेवन करने से वमन आना बंद हो जाता है।

4) अदरक का रस नाभि पर लगाने से दू:साध्य अतिसार दूर होता है ।

5) अदरक और पुदीने का रस 5-5 ग्राम लेकर उसमें .5 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से उदरशूल की शिकायत में लाभ होता है ।

6) अदरक का रस और खडी शकर मिलाकर सेवन करने से बहु मूत्र रोग दूर होता है ।

7) 1-1 चमच सोंठ और घी तथा 25 ग्राम गुड मिलाकर गर्म करके सेवन करने से कान में साये साये की आवाज़ आना बंद हो जाता है ।

8) 5-5 ग्राम अदरक रस और शहद मिलाकर सेवन करने और सारे शरीर पर उपलों की रख मलकर कम्बल ओड़कर सो जाने से शील पित्त रोग में लाभ होता है ।

9) 6 ग्राम अदरक बारीक़ काटकर थोडा सा नमक लगाकर दिन में 1 बार निरंतर 10 दिनों तक भोजन से पहले खाने से हजम ठीक होगा, भूक लगेगी, पेट की गैस दूर होगी ।

10) अध चमच पीसी सोंठ 1 कप पानी में उबालकर, आधा पानी शेष रहने पर मिसरी मिलाकर पिने से कफ ज्वर दूर होता है ।

11) दो चमच अदरक का रस प्रत: काल खली पेट सेवन करने से कमर दर्द, संदिवात, अनिद्रा और सर दर्द दूर होता है।

12) सोंठ हिंग और कला नमक – सबका चूर्ण बनाकर सेवन करने से गैस दूर होती है ।

13) अदरक के टुकरे देसी घी में सेककर स्वादानुसार सेवन करने से गैस दूर होती है ।

14) पेशाब के समय दर्द बना रहता हो, रक्त आता हो तो सोंठ पीसकर कपडे से छानकर मिसरी मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से लाभ होता है ।

15) 10 ग्राम सोंठ 100 ग्राम पानी में उबालकर, ठंडा होने पर शहद या शकर के साथ सेवन करने से गठिया रोग ठीक हो जाता है ।

16) ताजे अदरक के छोटे टुकड़े चूसने से नई एवं पुराणी इत्च्की आना बंद हो जाता है या सोंठ को पीसकर दूध में उबालकर पिने से हिच किया आना बंद हो जाता है ।

17) एक चमच अदरक का रस 1 गिलास गर्म पानी में मिलाकर कुल्ले करने से मुह की दुर्गंद दूर हो जाती है ।

18) 6-6 ग्राम अदरक का रस और शहद मिलाकर चाटने से तेज ज्वर में लाभ होता है ।

19) 10 ग्राम सोंठ 250 ग्राम पानी में मिलाकर, उबाल कर, चतु थार्ष शेष रह जाने पर, छानकर शीशी में भरले। 3 सप्ताह तक पिने को प्रदर रोग में लाभ होता है ।

ठीक इस्सी तरह तेजपत्ता और दालचीनी के भी बहुत औषधिक गुण है जो अप्प अवष जानना चाहेंगे ।

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