बुराई के बदले भलाई – हजरत मोहम्मद की कहानी

बुराई के बदले भलाई – हजरत मोहम्मद की कहानी – यह एक बहुत ही दिल को छु लेना वाली कहानी है जो आपको बहुत पसंद आएगी और एक बहुत अच्छी सिख भी सिखाएगी की हमे हमेशा अच्छा सोचना चाहिए और करना भी चाहिए ।

बुराई के बदले भलाई - हजरत मोहम्मद की कहानी

बुराई के बदले भलाई – हजरत मोहम्मद की कहानी

बुराई के बदले भलाई – हजरत मोहम्मद की कहानी

हजरत मोहम्मद (स०अ०व०) जब भी नमाज़ पड़ने मस्जिद जाते तो उन्हें नित्य ही एक वृद्धा के घर के सामने से निकलना पढ़ता था। वह वृद्धा अशिस्ट और क्रोधी स्वभाव की थी। जब भी मोहम्मद (स०अ०व०) उधर से निकलते वह उन पर कूड़ा करकट डाल देती थी। मुहम्मद (स०अ०व०) बगैर कुछ कहे अपने कपड़ो से कूड़ा करकट झाड़ कर आगे बढ़ जाते।

प्रतिदिन की तरह जब वे एक दिन उधर से गजुर रहे थे तो उन पर कूड़ा आकर नहीं गिरा। मोहम्मद (स०अ०व०) को कुछ हैरानी हुई परन्तु वे आगे बढ़ गए और अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मोहम्मद (स०अ०व०) से रहा नहीं गया। उन्होंने वद्धृअ के दरवाजे पर दस्तक दी।

जब वद्धृअ के माकन का दरवाजा खोला तो पता चला हक वह बीमार है। दो दिन मे वह बीमारी के कारण वह अत्यिंत दुर्बल हो गई थी। मुहम्मद (स०अ०व०) उसकी बीमारी की बात सुनकर हकीम को बुलाकर लाये और उसकी दवा आदि की व्यवस्था की। उनकी सेवा और देखभाल से जल्दी ही वृद्धा को स्वास्थ्य लाभ हुआ।

जब वह बिस्तर से उठ कर बैठी तो मोहम्मद (स०अ०व०) ने कहा अपनी दवाए लेती रहना और मेरी जरुरत हो तो मुझे बुला लेना। यह सुनकर वृद्धा रोने लगी। मोहम्मद (स०अ०व०) ने उससे रोने का कारण पूछा तो वह बोली मेरे दुव्यगवहार के लिए मुझे माफ कर दीहजए। वे हँसते हुए कहने लगे भूल जाओ सब कुछ ओर अपनी तबियत सुधारो। वृद्धा बोली आपके व्यवहार ने मेरी तबीयत के साथ साथ मुझे भी सुधार हदया है। आपने आपकी प्रेम और पवित्रता से मुझे सही मार्ग दिखाया है, मैं जीवनभर आपकी एहसानमंद मंद रहूंगी ।

सिख:- सचाई की हमेशा जीत होती है अचाई से हम किसी भी बुरिया पे जीत प् सकते है और साथ ही साथ उस इन्सान से उससे निकल भी सकते है।

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