अनोखा मालिक – Hindi Good Stories With Morals

अनोखा मालिक – Hindi Good Stories With Morals – कई बार इन्सान को कुछ समझाने के लिए वो मार्ग ठीक नहीं होता जो समझ आता है। कई बार उसे बात को समझाने के लिए एहसास कराना ज़रूरी हो जाता है और वह बात उसे झट से समझ आ जाती है । ऐसी ही एक कहानी आज हम आपको सुनायेंगे ।

अनोखा मालिक - Hindi Good Stories With Morals

अनोखा मालिक – Hindi Good Stories With Morals

अनोखा मालिक

जाकिर हुसैन के घर पर एक अधेड़ उम्र का नौकर था। वह रोज देर से सोकर उठता था। उसकी इस आदत से घर वाले बहुत परेशान थे। उन्होंने उस नौकर की शिकायत जाकर हुसैन साहब से कर दी और उसे निकाल बाहर करने को कहा ।

इसके जवाब में जाकिर हुसैन साहब ने केवल यही कहा की उसे समझाओ । सभी ने उसे समझाया पर इसके बावजूद उस पर कोई असर नहीं हुआ। ‘अब आप ही समझाकर देखिया उस नौकर को, घरवालों ने जा कर साहब से निवेदन किया।

अगले दिन सवेरे जाकिर साहब उठे । एक लोटा पानी भरकर उस नौकर के सर के पास जाकर खड़े हो गए। नौकर अभी तक गहरी नींद में ही था। वे उसे धीरे से उठाते हुए बोले ‘उठिए मालिक’! जागिये ! सवेरा हो गया। मुह हाथ धो लीजिये। मैं अभी आपके लिए चाय और स्नान के पानी का इंतेज़ाम करता हूँ। ‘ इतना कहकर वे चले गए।

इधर नौकर परेशान की ये हो क्या रहा है, कहीं मैं सपना तो नहीं देख रहा हूँ। वह अभी बैठा-बैठा यह सोच ही रहा था, तभी जाकिर साहब चाय लेकर आते दिखाई दिए।

वे आकर बोले ‘मालिक लीजिये चाय पीकर स्नान करने चलिए। ‘नौकर बहुत घबराया, क्षमा मांगते हुए बोला ‘हुजूर’ आज के बाद से मेरे देर तक सोकर उठने की शिकायत किसी को नहीं होगी। ‘ इस पर जाकिर साहब मुस्करा दिए।

अगले दिन सभी घरवालों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा की वह नौकर सबसे पहले उठकर घर के सरे काम कर रहा था। नौकर डॉक्टर जाकिर हुसैन की विनयशीलता से अभीभूत हो गया था।

जाकिर साहब ने अपने घर के लोगों को समझाया – व्यक्ति के आचरण में निहित विनम्रता का कमाल यही है हक वह सामने वाले व्यक्ति पर बेहद सरलता के साथ अपना प्रभाव डाल देता है। समाज में अपने व्यवहार द्वारा प्रभाव पैदा करना है तो जीवन में विनम्रता को स्थान दें ।

कुछ इस्सी प्रकार की अच्छी कहानिया और भी है जैसे बुराई के बदले भलाई और रास्ते का पत्थर

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