अकबर और बीरबल की कहानी – Hindi Me Kahani

अकबर और बीरबल की कहानी – Hindi Me Kahani – अकबर और बीरबल की कहानिया विश्व प्रसिद है । इन्ही में से एक कहानी हम आज आपको सुनायेंगे जो की आपको बेहद पसंद आएगी और आपके ज्ञान को बड़ा देगी ।

अकबर और बीरबल की कहानी - Hindi Me Kahani

अकबर और बीरबल की कहानी – Hindi Me Kahani

अकबर और बीरबल की कहानी

अकबर ने बीरबल के सामने अचानक तीन प्रश्न प्रस्तुत कर दिए। वे तीन प्रश्न थे –
ईश्वर कहा रहते हता है?
वह कैसे मिलते है?
और वह क्या करते है?

बीरबल इन प्रश्नों को सुनकर सकपका गये और बोले, ‘जहाँपनाह! इन प्रश्नों के उत्तर, मैं कल आपको कल दूंगा । घर आकर बीरबल ने वे प्रश्न पुत्र को बताये तो पुत्र ने कहा, – ‘पिताजी ! कल आप, मुझे दरबार में अपने साथ ले चलिए, मैं बादशाह के प्रश्नों के उत्तर दूंगा। पुत्र के हठ के कारण बीरबल अगले दिन अपने पुत्र को साथ लेकर दरबार में पहुचे और विश्वास के साथ बादशाह से कहा, ‘जहाँपनाह आपके प्रश्नों के उत्तर तो मेरा पुत्र भी दे सकता है ।

बीरबल के पुत्र ने एक गिलास शक्कर मिला हुआ दूध बादशाह से मंगवाया और कहा, जहाँपनाह दूध कैसा है ? अकबर ने दूध चखा और
कहा की ये मीठा है। ‘परन्तु बादशाह सलामत आपको इसमें शक्कर दीखाई दे रही है ? बादशाह बोले, नहीं। वह तो घुल गयी । जी हाँ, जहापनाह! ईश्वर भी इसी प्रकार संसार की हर वस्तु में रहता है।’

उसके बाद बालक ने कहा, ‘जहाँपनाह थोड़ा दही मंगवाए।’ बीरबल के पत्रु ने कहा, ‘जहापअनाह ! क्या आपको इसमें माखन दिखाई दे रहा है। बादशाह ने कहा, ‘माखन तो दही में है, पर इसको मथने पर ही दीखाई देगा। बालक ने कहा, ‘यह है आपके दूसरे सवाल का जबाब। मंथन करने पर ही ईश्वर के दर्शन हो सकते हैं।

बादशाह ने संतुष्ट होकर अब अंतिम प्रश्न का उत्तर पूछा, ‘बताओ ! ईश्वर करता क्या है? बीरबल के पुत्र ने कहा, ‘महाराज! इसके लिए आपको मुझे अपना गुरु स्वीकार करना पडेगा । अकबर बोले, “ठीक है, तुम गुरु और मैं तुम्हारा शिष्य।’ अब बालक ने कहा, ‘जहाँपअनाह गुरु तो ऊँचे आसन पर बैठता है और शिष्य निचे । अकबर ने बालक के लिए सिहासन खाली कर दिया और स्वयं निचे बैठ गये। अब बालक ने सिहांसन पर बैठ कर कहा, ‘महाराज !आपके अंतिम प्रश्न का उत्तर है की ईश्वर यही तो करता है। पल भर में राजा को रंक बना देता है, और भिखारी को सम्राट बना देता है। अकबर बीरबल के पुत्र का मुख ताकते रह गये।

ऐसी कहानिया हमारे बहुत कुछ सिखाती है । ऐसी ही कुछ कहानिया अहंकार बुरा और बुरा ना सोचे जैसी कहानिया आपको पदनी चाहिए जो आपको जीवन भी बहुत कुछ सिखा जाएगी ।

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