Motivational Stories In Hindi For Students

Motivational Stories In Hindi For Students – इन्सान को ज़िन्दगी में काफी बार मोटिवेशन की बहुत आवश्यकता होती है और अगर हमारी ज़िन्दगी में कोई यह देना वाला ना हो तो ये कहानिया ही हमे प्रेरित करती है और हमे हमारे लक्ष तक पहुचाती है ।

Motivational Stories In Hindi For Students

Motivational Stories In Hindi For Students

Motivational Stories In hindi For Students

सोच समझकर बोलना चाहिए

एक बार की बात है किसान ने अपने पड़ोसी को अपने मुख से भला बुरा कह दिया पर बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया उसने संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा ।

संत ने किसान से कहा, तुम खूब सारे पंख इकठ्ठा कर लो और उन्हें शहर के बीचो-बीच जाकर रख दो । किसना ने ऐसा किया और फिर संत के पास पहुच गया।

तब संत ने कहा अब जाओ और अब उन पंखो को इकठ्ठा कर के वापस ले आओ । किसान वापस गया पर तब तक सारे पंख हवा से इधर-उधर उड़ चुके थे और किसान खली हाथ संत के पास पंहुचा ।

तब संत ने उसे कहा अब ठीक ऐसा ही तुम्हारे द्वारा कहे गए शब्दों के साथ होता है । हम बड़ी आसानी से इन्हें अपने मुख से बोल तो सकते है पर चाह कर भी वापस नहीं ले सकते ।

कहानी से सिख:- कुछ कड़वा बोलने से पहले याद रखें की भला-बुरा कहने के बाद अपने शब्द वापस नहीं लिए जा सकते है । आप उस व्यक्ति से जाकर क्षमा ज़रूर मांग सकते हैं और मंगनी भी चाहिए, पर इन्सान कुछ ऐसा होता है की कुछ भी कर लीजिये वह कही ना कही हर्ट जरुर होता है। जब आप किसी को बुरा कहते हैं तो वह उसे कष्ट पहुचाने के लिए होता है पर बाद में आप ही को अधिक कष्ट देता है। खुद को कष्ट देने से क्या लाभ, इससे अच्छा तो है की चुप रहा जाए।

तितली का संघर्ष

एक बार एक आदमी को अपने गार्डन में टहलते हुए किसी टहनी से लटकता हुआ एक तितली का कोकून दिखाई पड़ा । अब हर रोज़ वो आदमी उसे देखने लगा , और एक दिन उसने देखा की उस कुकुन में एक छोटा सा छेद बन गया है । उस दिन वो वह वही बैठ गया और घंटो उसे देखता रहा । उसने देखा की तितली उस खोल से बाहर निकलने की बहुत कोशिश कर रही है, पर बहुत देर तक प्रयास करने के बाद भी वो उस छेद से नहीं निकल पाई, और फिर वो बिलकुल शांत गयी मानो उसने हार मान ली हो । इसलिए उस आदमी ने निस्चे किया की वो उस तितली की मदद करेगा । उसने एक कैंची उठायी और कोकून की ओपनिंग को इतना बड़ा कर दिया की वो तितली आसानी से बाहर निकल सके । और यही हुआ, तितली बड़ी आसानी और बिना संगर्ष के आसानी से बाहर निकल आई, पर उसका शारीर सुजा हुआ था और पंख सूखे हुए थे ।

वो आदमी तितली को ये सोच कर देखता रहा की वो किसी भी वक़्त अपने पंख फेलाकर उड़ने लगेगी, पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ । इसके उलट बेचारी तितली कभी उड़ ही नहीं पाई और उसे अपनी बाकी की ज़िन्दगी इधर-उधर घिसट ते हुआ बीतानी पड़ी ।

वो आदमी अपनी दया और जकदबाजी में यह नहीं समझ पाया की दरअसल कोकून से निकलने की प्रकिया को प्रकृति ने इतना कठिन इसलिए बनाया है ताकि ऐसा करने से तितली के शारीर में मौजदू तरल उसके पंखो में पहुच सके और वो छेद से बाहर निकलके उड़ सके । वास्तव में कभी-कभी हमारे जीवन में संघर्ष ही वो चीज होती जिसकी हमें सचमुच आवश्यकता होती है । यदि हम बिना किसी स्ट्रगल केसब कुछ पाने लगे तो हम भी एक अपांग के सामान हो जायेंगे । बिना परिश्रम और सींघर्ष के हम कभी उतने मजबतू नहीं बन सकते जितनी हमारी क्षमता है । इसलिए जीवन में आनेवाले कठिन पलों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखिये वो आपको कुछ ऐसा सीखा जायींगे जो आपकी ज़िन्दगी की उड़ान को पॉसिबल बना पायेंगे।

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