अहांकार बुरा – Short Hindi Stories For Kids

अहांकार बुरा – Short Hindi Stories For Kids – अहंकार तो आप जानते हे है की कितना बुरा हो सकता है किसी के लिए भी । आज हम आपको इसका बुरा असर आपको एक कहानी के माध्यम से बताएंगे जो की आपको पसंद आएगी ।

अहांकार बुरा - Short Hindi Stories For Kids

अहांकार बुरा – Short Hindi Stories For Kids

अहांकार बुरा

एक तालाब में दो मछे रहते थे। एक मेंढक से उनकी दोस्ती हो गई। मेंढक को यह नहीं पता था इन दोनों मच्छों में से एक मंद बुधि और दूसरा अहिंकार बुधि वाला है।

एक दिन वह तीनो तालाब के किनारे बैठे बातचीत कर रहे थे की एक शिकारी हाथ में जाल और सिर पर बहुत-सी मछलिया रखे आया और तालाब की ओर देखकर बोला, यहा तो काफी मछलिया लगती हैं, इन्हें कल आकर पकडूँगा ।

शिकारी के जाने के पश्चात् तीनो मित्र सोच में पड़ गए। मेंढक और तेज बुधि मच्छ तो बोले की हमें यहा से भाग जाना चाहिए , लेकिन अहंकार से भरा मंद बुधि बोला, नहीं हम यहाँ से भागेंगे नहीं। प्रथम तो वह आएगा नहीं, यदि आ भी गया तो मैं अपनी ताकत और बुधि से तुम्हारी रक्षा करूँगा ।

मंद बुधि ने अपने मित्र की बात सुनी और झट से कहा, हाँ मेरा मित्र ठीक कहता है। यह शक्तिशाली है तभी तो इसे अहंकार है। ठीक ही कहा जाता है की बुधिमानो के लिए कोई ऐसा काम नहीं, जिसे वह ना कर सके ।

देखो सशत्र ननदों का चाणक्य ने अपनी बुधि द्वारा विनाश कर दिया। जहाँ रवि की किरण और वायु नहीं पहुच सकती वह पर बुधि पहुच जाती है, इसलिए हम यहाँ से भागकर कहीं भी नहीं जायेंगे।

मेंढक उन दोनों की बातें सुनकर बोला, मित्रो मैं आपकी इस बात से सहमत नहीं, इसलिए मैं…आज़ ही अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर भाग रहा हूँ। यह कहकर मेढ़क वहा से चला गया।

दूसरे दिन सुबह ही शिकारी वहा आया, उसने अपना जाल लगाकर दोनों मच्छों को पकड़ लिया । उनका अहंकार और मंद बुधि ही उन्हें ले डूबे। इसलिए कहा भी गया है की मित्र की सलाह को नहीं ठुकराना चाहिए।

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